चन्द्रा ने कहा कि डिजिटलाइजेशन की चुनौतियों और रीटेल पेमेंट लैंडस्केप में शामिल जटिलताओं को देखते हुए एक खुदरा सीबीडीसी को थोक की तुलना में अधिक समय लग सकता है. बेसिक फोन के लिए यूपीआई वॉलेट जैसे ऑफलाइन पेमेंट पहल डिजिटल डिवाइडेशन के बीच पुल बन सकते हैं. इंटरबैंक सेटलमेंट और क्रॉस बॉर्डर पेमेंट के लिए होलसेल सीबीडीसी एक मजबूत केस है.

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JNU Times

आज की दुनिया में धीरे धीरे सभी लोग Cryptocurrency के बारे में जानने लगे है लेकिन अभी तक ज्यादातर लोगों ने सिर्फ Bitcoin का नाम सुना है। लेकिन आपमें से कितने लोग है जिन्होंने Cryptocurrency जैसे Bitcoin को हार्डवेयर या Physical touch में रखा है। आज हम आपको बताएंगे Hardware Wallet क्या होता है और कौनसे वॉलेट सबसे अच्छे और प्रचलित है।

बिटकॉइन हार्डवेयर वॉलेट एक टैम्पर-प्रूफ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, इसमें आप अपने बिटकॉइन को password के साथ offline रख सकते है।

आपको बता दे की Bitcoin Hardware wallet का अविष्कार Bitcoin के आविष्कार के बाद जानिए क्रिप्टोकरेंसी के फायदे और नुकसान हुआ था। वर्तमान में, आप अन्य क्रिप्टोकरेंसी को इन वॉलेट्स ETH, BNB, DOT, में भी स्टोर कर सकते हैं।

  • अगर आप अपने Bitcoin को लंबे समय तक Store करके रखना चाहते हैं तो Hardware Wallet आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
  • इससे आप आसानी से Cryptocurrency का लेनदेन कर सकते है।
  • अगर आप अपने पैसे को ऑनलाइन ना रखके अपने पास Store करना चाहते है तो ये अच्छा option है।
  • Bitcoin को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए आप पेपर वॉलेट का भी इस्तेमाल कर सकते है।
  • Hardware Wallet चोरी और घोंटालो से आपके पैसे को बचाता है।
  • अगर आपके Bitcoin Hardware Wallet में है तो आपका Computer हैक भी हो जाए तो आपको चिंता नहीं करनी चाहिए।
  • अगर आपका wallet ही को जाए तो भी आप अपने Bitcoin को पुनर्स्थापित कर सकते है।
  • जब तक आपका गुप्त कोड किसी को नही पता चल जाता तब तक आप भी अपने Bitcoin को नहीं निकाल सकते और ना ही पुनर्स्थापित कर सकते है।

Best Hardware Wallets for Bitcoin and Cryptocurrencies in Hindi

अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि Hardware Wallet तो जान लिए लेकिन Bitcoin के लिए सबसे अच्छा Hardware Wallet कौनसा है। तो इसका जवाब हम आपको नीचे देने वाले है।

  • Ledger Nano X की वर्तमान में भारत में कीमत ₹10619.00 है।
  • इसकी सुरक्षा भी कमाल की है इसमें 2 चिप है।
  • लेजर नैनो एक्स में आपको ब्लूटूथ की व्यवस्था भी मिलती है जिससे आप इसको Computer या Smartphone से कनेक्ट कर सकते है।
  • इसके साथ ही आप इसमें Bitcoin के अलावा और भी तरह की Cryptocurrency रख सकते है।
  • ये आपको 100mah की battery के साथ मिलता है और साथ में इसकी Shipping भी फ्री है।
  • Bitcoin, Bitcoin cash, Ethereum, monero, Ripple, Neo, Binance coin, आदि Cryptocurrency को रख सकते है।

Ledger Nano S | लेजर नैनो एस

  • Ledger Nano S की भारत में कीमत ₹5256.00 है। अभी खरीदें
  • इसे आप USB के माध्यम से अपने pc या लैपटॉप से कनेक्ट कर सकते है।
  • सबसे अच्छी बात ये सबसे प्रचलित Cryptocurrency Bitcoin को सपोर्ट करता है।
  • इस वॉलेट में आपको USB भी नही मिलने वाला इसमें सिर्फ QR CODE से ही आप लेनदेन कर सकते है।
  • इसे आप PayPal से जानिए क्रिप्टोकरेंसी के फायदे और नुकसान ही खरीद सकते है और इसकी कीमत भी ज्यादा नही है।

Trezor | ट्रेज़ोर

  • ये वॉलेट आप Amazon से अभी खरीद सकते है ।
  • इसमें आप 9 अंको तक का password लगा सकते है।
  • और wallet खो जाने पर आप 24 अंको का पुनर्प्राप्ति Password लगा सकते है।
  • यह वॉलेट 6 क्रिप्टो करेंसी को Support करता है और ये लाने ले जाने की दृष्टि से सुविधाजनक नही है।

FAQ: डिजिटल रुपया क्या है, क्या यह क्रिप्टोकरेंसी से अलग है? जानिए सब कुछ

FAQ: डिजिटल रुपया क्या है, क्या यह क्रिप्टोकरेंसी से अलग है? जानिए सब कुछ

मंगलवार, 1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBCD) के भारत वर्जन डिजिटल रूपए के लॉन्च करने की घोषणा की है. लेकिन वास्तव में एक डिजिटल रूपया क्या होता है? पैसे के इस नए रूप के बारे में आइए जानते हैं सभी जरूरी बातें.

डिजिटल रुपया क्या है?

सीधे शब्दों में कहें तो डिजिटल रुपया करेंसी का एक पेपरलेस रूप है. यह पैसा रखने का एक डिजिटल तरीका है.

क्रिप्टो करेंसी क्या है

प्रत्येक देश की अपनी एक करेंसी अर्थात मुद्रा होती हैं और उसका एक निश्चित नाम भी होता है, जैसे कि भारत में रूपया, अमेरिका में डालर, अरब का रियाल आदि | किसी भी देश की करेंसी के माध्यम से उस देश की अर्थव्यवस्था संचालित होती है |

इन सभी करेंसी को आप देख सकते है, अपनें पास एकत्र कर सकते है परन्तु आज की इस डिजिटल दुनिया में एक नई तरह की करेंसी आ गयी है, जिसे न ही हम देख सकते है और ना ही हम छू सकते है, क्योंकि यह डिजिटल फॉर्म में होती हैं | इस डिजिटल करेंसी का नाम क्रिप्टोकरेंसी है | क्रिप्टो करेंसी क्या है, क्रिप्टो करेंसी के प्रकार व नाम के बारें में आपको यहाँ पूरी जानकारी विधिवत रूप से दे रहे है |

क्रिप्टो करेंसी का क्या मतलब होता है ?

Table of Contents

क्रिप्टो करेंसी एक जानिए क्रिप्टोकरेंसी के फायदे और नुकसान ऐसी मुद्रा है, जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है | यह एक ऐसी मुद्रा है, जिसे किसी भी देश की सरकार लागू नहीं करती है | इस मुद्रा पर किसी देश, राज्य या किसी अथॉरिटी का नियंत्रण नहीं होता है अर्थात यह एक स्वतंत्र मुद्रा है, जो डिजिटल रूप में होती है इसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है। क्रिप्टो करेंसी द्वारा आप किसी भी तरह की वस्तु या सेवाएं खरीद या बेच सकते हैं।

क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत सबसे पहले जापान के सतोषी नाकमोतो नामक इंजीनियर नें वर्ष 2009 में की थी और पहली क्रिप्टो करेंसी का नाम बिटकॉइन है | हालाँकि शुरुआत में इसे कोई खास सफलता नहीं मिली परन्तु कुछ समय बाद यह काफी प्रचलित हुई और इसकी कीमत आसमान छूने लगी और धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में फ़ैल गयी |

क्रिप्टो करेंसी के प्रकार (Types Of Crypto Currency)

वर्तमान समय में लगभग 1 हजार से अधिक क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में उपलब्ध हैं, परन्तु इनमें से कुछ क्रिप्टो करेंसी ऐसी है, जिनका उपयोग सबसे अधिक किया जा रहा है, इनके नाम इस प्रकार है-

बिटकाइन (Bitcoin)

बिटकॉइन दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी है, मुख्य रूप से इसका उपयोग बड़े-बड़े सौदो में किया जाता है|

सिया कॉइन (Sia Coin)

सिया कॉइन को एससी के नाम से भी जाना जाता है, ग्रोथ करने के मामले में बिटकॉइन के बाद सियाकॉइन का नंबर आता है |

लाइटकॉइन (Lite Coin)

लाइटकॉइन का अविष्कार वर्ष 2011 में चार्ल्स ली द्वारा किया गया था, यह क्रिप्टोकरेंसी भी बिटकॉइन की तरह ही हैं, जोकि डीसेंट्रलाइज्ड भी हैं और साथ ही पीर टू पीर टेक्नोलॉजी के तहत कार्य करती हैं |

क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है?

क्रिप्टोकरेंसी अलग-अलग कंपनियों द्वारा चलाई जा रही मुद्रा है (how operate crypto currency) जिसे सरकार ने मान्यता नहीं दी है. जैसे आपने Bitcoin का नाम सुना होगा. ऐसे ही 1000 से भी ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में उपलब्ध हैं. इनके अलग-अलग रेट हैं जैसे Share Market में हर कंपनी के शेयर का अलग-अलग रेट होता है ठीक उसी तरह. आपको इन्हें ऑनलाइन खरीदना होता है यानी अपना पैसा इनमें निवेश करना होता है. इसके बाद यदि इनका रेट बढ़ता है तो आपको फायदा होता है और यदि इनका रेट घटता है तो आपको नुकसान होता है. ये कुछ-कुछ शेयर मार्केट की तरह ही होता है. लेकिन शेयर मार्केट में शेयर बेचने से आपको पैसे मिल जाते हैं पर इससे पैसे बेचने पर आपको पैसे नहीं मिलते हैं. इसका पूरा सिस्टम ब्लॉकचेन तकनीक के जरिये चलता है.
ब्लॉकचेन तकनीक क्या होती है?

Blockchain Meaning होता है डाटा ब्लॉक की एक लंबी श्रंखला. ये एक डिजिटल बहीखाता (Digital Ledger) होता है जिसमें क्रिप्टोकरेंसी में होने वाले लेन-देन को रिकॉर्ड किया जाता है. इसमें अलग-अलग तकनीक का इस्तेमाल होता है. जिसमें आपके अकाउंट को सिक्योर रखने के लिए आपकी ‘पर्सनल की’ का इस्तेमाल होता है. इसमें लेन-देन प्रक्रिया सीधी और सरल होती है. इसमें छेड़छाड़ असंभव है. इसकी मदद से सही तरीके से क्रिप्टोकरेंसी को ट्रैक किया जा सकता है और इसमें निवेश करने वाले निवेशकों को सुरक्षा दी जा सकती है.

Popular Crypto Currency कौन सी है?

Types of Cryptocurrency दुनियाभर में 1000 से भी ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी आ चुकी है लेकिन इनमें से फेमस ज्यादा नहीं हो पाई हैं. अधिकतर लोग तो सिर्फ अभी तक Bitcoin को ही Crypto Currency मानते हैं लेकिन ऐसा नहीं है.

– दुनिया की सबसे फेमस क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin है. इसकी कीमत 54,285 अमेरिकन डॉलर है.

– Ethereume भी काफी फेमस क्रिप्टोकरेंसी है जिसकी कीमत 2622 अमेरिकन डॉलर है.

– इसके अलावा Binance Coine, Ripple, Tether, Dogcoine, Cardano, Poladot, Uniswap, LiteCoine अन्य क्रिप्टोकरेंसी है.

क्रिप्टोकरेंसी के फायदे Benefits of Crypto Currency

क्रिप्टोकरेंसी के कई फायदे हैं. जैसे

– क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी है तो इसमें धोखाधड़ी की उम्मीद कम है. इसकी कोई नकली करेंसी नहीं बना सकता.

– क्रिप्टोकरेंसी को कोई सरकारी अथॉरिटी कंट्रोल नहीं करती जिसकी वजह से इसके बंद होने या नोटबंदी जैसी समस्या आपको नहीं होगी.

– जो लोग अपना धन छुपाकर रखना चाहते हैं वो क्रिप्टोकरेंसी में अपना Money investment कर सकते हैं.

– क्रिप्टोकरेंसी में तेजी से उछाल दर्ज किया गया है जिसके चलते आप इसमें निवेश करके काफी अच्छे रिटर्न कमा सकते है. हालांकि कई बार इसमें गिरावट भी देखी गई है. इसलिए इसमें निवेश अपने रिस्क पर ही करें.

क्रिप्टोकरेंसी आपके लिए फायदे का सौदा भी हो सकता है और घाटे का सौदा भी हो सकता है. कई लोगों ने इसमें निवेश किया है और अच्छे रिटर्न कमाए हैं. लेकिन इसमें घाटा भी हो सकता है. इसे कोई सरकार कंट्रोल नहीं करती इसलिए इसमें घाटा हो या फायदा इसकी पूरी ज़िम्मेदारी आप पर ही होगी.

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) क्या है?

किसी भी देश की मुद्रा जैसे भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड आदि उनके केंद्रीय बैंकों द्वारा जारी तथा समर्थित होती हैं। यह भौतिक मुद्रा होती हैं जिसे आप देख अथवा छू सकते हैं और नियमानुसार किसी भी स्थान या देश में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं वहीं क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency in Hindi) एक प्रकार की डिजिटल या आभासी करेंसी (मुद्रा) होती है जिसे आप देख या छू नहीं सकते।

पहली क्रिप्टोकरेंसी जिसे बिटकॉइन के नाम से जाना जाता है कि शुरुआत साल 2009 में सतोषी नकामोटो नामक व्यक्ति द्वारा की गई। इन्हीं ने सर्वप्रथम ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इस मुद्रा का निर्माण किया। 2008 में जारी अपने एक रिसर्च पेपर में उन्होंने बताया कि किस प्रकार किसी विकेन्द्रीकृत मुद्रा के प्रयोग से बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थाओं को मध्यस्थ की भूमिका से बाहर किया जा सकता है। वर्तमान में दुनियाँ भर में तकरीबन 1500 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं। जिनमें बिटकॉइन, लाइटकॉइन, ईथर, डैशकॉइन, रिपल आदि शामिल हैं।

क्रिप्टोकरेंसी की कार्यप्रणाली

क्रिप्टोकरेंसी एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीक ब्लॉकचेन पर आधारित है। इस तकनीक की सहायता से किसी भी प्रकार की सूचना का एक विकेन्द्रीकृत बहीखाता या Ledger तैयार किया जा सकता है। इस नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के पास सूचना का यह बहीखाता मौज़ूद होता है। वर्तमान में इस तकनीक का इस्तेमाल मुख्यतः क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन में किया जा रहा है।

सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया में लेन-देन का विवरण बैंकों द्वारा सत्यापित किया जाता है जबकि क्रिप्टोकरेंसी में किये गए विनिमय को ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से ब्लॉकचेन नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों जिन्हें माइनर्स कहा जाता है द्वारा सत्यापित किया जाता है। क्रिप्टोकरेंसी के किसी लेन-देन को सत्यापित कर उसे सूचना के एक ब्लॉक रूप में परिवर्तित करना बेहद जटिल गणितीय कार्य होता है जिसके लिए अत्यधिक कंप्यूटर क्षमता, विद्युत आपूर्ति तथा हाई स्पीड इंटरनेट की आवश्यकता होती है।

क्रिप्टोकरेंसी के फायदे

  1. चूँकि क्रिप्टोकरेंसी किसी देश या सरकार के नियंत्रण में नहीं है अतः किसी देश की आर्थिक स्थिति या आर्थिक निर्णयों जैसे नोटबंदी या घरेलू मुद्रा के अवमूल्यन का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
  2. जहाँ बैंकों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर लेन-देन करने में अधिक शुल्क तथा समय लगता है वहीं क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन त्वरित तथा अत्यंत कम शुल्क में हो जाता है।
  3. इसमें लेन-देन करने के लिए किसी पहचान पत्र आदि की आवश्यकता नहीं होती अतः किन्हीं दो व्यक्तियों के मध्य होने वाला लेन-देन गुप्त रहता है।
  1. क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन करने वाले व्यक्तियों की जानकारी पूर्णतः गोपनीय होती है अतः इसका प्रयोग गैर-कानूनी गतिविधियों जैसे किसी के निजी डेटा को बेचना, फिरौती, गैर-कानूनी वस्तुओं का व्यापार तथा मानव तस्करी आदि करने में भी किया जाता है।
  2. इसके इस्तेमाल में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। किसी गलत पते पर क्रिप्टोकरेंसी के हस्तांतरण हो जाने की स्थिति में उसे पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता न ही उस व्यक्ति की पहचान करना संभव है।
  3. चूँकि क्रिप्टोकरेंसी पूर्णतः बाजार के नियंत्रण में है अतः यह बहुत अस्थिर है। इसकी कीमतों में अचानक गिरावट आने की संभावना बनी रहती है जिससे ऐसी मुद्राओं में निवेश करने वाले निवेशकों की पूँजी डूब सकती है। उदाहरण के तौर पर साल 2013 में बिटकॉइन में एक ही दिन में 70 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
  4. क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन में अत्यधिक मात्रा में कंप्यूटर क्षमता की आवश्यकता होती है जो ऊर्जा अपव्यय का एक मुख्य कारण है।
  5. सरकारों तथा केन्द्रीय बैंकों के नियंत्रण में न होने के चलते इसके प्रयोग से कर चोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार का रुख

साल 2018 में रिजर्व बैंक ने अपने द्वारा विनियमित सभी बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं को क्रिप्टोकरेंसी के व्यापार से स्वयं जानिए क्रिप्टोकरेंसी के फायदे और नुकसान को अलग करने के निर्देश दिये तथा भारत मे क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज की सुविधा उपलब्ध कराने वाली विभिन्न कंपनियों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध न कराने का निर्णय लिया। इसके विरोध में इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

4 मार्च 2020 को आए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक के फैसले को खारिज़ करते हुए इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के पक्ष में जानिए क्रिप्टोकरेंसी के फायदे और नुकसान फैसला सुनाया। वर्तमान परिदृश्य में भारत मे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना गैरकानूनी नहीं है हालाँकि इनकी अस्थिरता को देखते हुए सरकार इनमें निवेश करने से बचने की सलाह देती रही है। भारत मे क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट की सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनियों में Unocoin, ZebPay आदि प्रमुख हैं।

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