बिटक्वाइन का कोई रिकॉर्ड नहीं होता इसलिए आतंकियों के लिए मुफीद होता है

दाउद भी इस्तेमाल करता है बिटक्वाइन

गैरकानूनी धंधों में बिटकॉइन का इस्तेमाल आसान है. क्यूंकि इसके लेनदेन का कोई रिकॉर्ड नहीं रहता है. न ही इसके इस्तेमाल पर कोई सरकारी नियंत्रण है.

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इक़बाल कासकर ने पूछताछ के दौरान बताया कि दाउद इब्राहिम बिटक्वाइन इस्तेमाल करता है. कासकर ने कहा कि दाउद ने लगभग 15,000 बिटक्वाइन खरीदे हैं. भारतीय रूपया में इसकी कीमत करीब 1000 करोड़ रूपए है. दाउद इब्राहिम बिटक्वाइन को मादक, कंस्ट्रक्शन और आर्म्स के गैर कानूनी कारोबार के लेनदेन में इस्तेमाल करता है.

गैरकानूनी धंधों में बिटक्वाइन का इस्तेमाल आसान है. क्यूंकि इसके लेनदेन का कोई रिकॉर्ड नहीं रहता है. न ही इसके इस्तेमाल पर कोई सरकारी नियंत्रण है. इसका इस्तेमाल भी आम इंटरनेट पर नहीं होता है. गैरकानूनी 'डार्क नेट' से ही ज़्यादातर लेनदेन होता है.

bitcoin, Dawood ibrahim

बिटक्वाइन का कोई रिकॉर्ड नहीं होता इसलिए आतंकियों के लिए मुफीद होता है

वैसे यह पहली बार नहीं है जब BitCoin इस्तेमाल करना क्या गैरकानूनी है? बिटक्वाइन का इस्तेमाल गैरकानूनी धंधे में हुआ है. 2016 दिसंबर में एनसीबी को मादक तस्करी के मामले में बिटक्वाइन के इस्तेमाल का सबूत मिला था. उन्होंन करीब 500 बिटक्वाइन जब्त किए थे. भारतीय मुद्रा में इनकी कीमत करीब एक करोड़ रूपए थी. 2013 में एफबीआई ने 'सिल्क रोड' नाम के एक वेब स्थित ऑनलाइन मार्केट को बंद किया था. यह साइट मादक तस्करी से जुड़ा था और बिटक्वाइनों में भुगतान लेता था. इसके तुरंत बाद सिल्क रोड 2.0 ने काम करना शुरु किया था और उसको भी बंद करवाया गया. नवंबर 2014 में साइट चलानेवाले रॉस विलियम वुलब्रिच को गिरफ्तार किया गया.

भारत की सुरक्षा एजेंसियां बिटक्वाइन पर काफी दिनों से नज़र बनाए हुए हैं. उनका मानना है कि इसका इस्तेमाल न सिर्फ ड्रग तस्करी के लिए बल्कि आतंकी संगठनों के कामकाज के लिए भी किया जा रहा है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय इस मामले में केंद्रीय अर्थ मंत्रक और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया से लगातार सम्पर्क बनाये हुए है. साथ ही सभी सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है.

हाल ही में (नवंबर 2017) में दिल्ली पुलिस ने नशा तस्करी के एक ऐसे गिरोह को पकड़ा था, जो बिटक्वाइन का इस्तेमाल करते थे. सुरक्षा एजेंसियों का यह भी मानना है की भारी मात्रा में काला धन बिटक्वाइन में परिवर्तित कर लिया गया है.

Bitcoin kya hai बिटकॉइन क्या है ? इसे कैसे खरीदे ?

Bitcoin kya hai (What is Bitcoin in hindi) : बिटकॉइन इस समय निवेश की दुनिया का बादशाह बना हुआ है। इस समय ये दुनिया की सबसे महँगी करेंसी है। आइये जानते हैं कि Bitcoin kya hai (What is Bitcoin in hindi). Bitcoin kaise kaam karta hai. निवेश की दुनिया में इसकी कीमत लगातार क्यों बढ़ रही ? आइये जानते है कि Bitcoin kya hota hai इस बारे में और अधिक विस्तार से जानते हैं।

Bitcoin ही एक ऐसी करेंसी हो ज्यादातर लोगों को Cryptocurrency की दुनिया में खींच रही है। Bitcoin कई देशों में पूर्ण रूप से मान्य है लेकिन कुछ देशों में ये अभी गैर कानूनी है। जापान ने इसे ‘वैध’ दर्जा दिया हुआ है।

Bitcoin Kya hai

Table of Contents

बिटकॉइन क्या होता है ? What is Bitcoin in hindi

Bitcoin kya hai : Bitcoin एक डिजिटल करेंसी है। ये भी अन्य currencies जैसे Rupees, Dollar, Euro आदि की तरह है। लेकिन फिर भी ये उन currencies के मुक़ाबले अलग है। क्यूंकि Rupees, Dollar, Euro आदि को हम online और Offline दोनों तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन Bitcoin के साथ ऐसा नहीं है। इसे आप सिर्फ Online ही इस्तेमाल कर सकते है। क्यूंकि Bitcoin को ना तो हम देख सकते हैं, ना ही हम उसे अन्य currencies जैसे की तरह छू सकते हैं। इसलिए ये सिर्फ डिजिटल करेंसी की श्रेणी में आता है। जो Cryptocurrency कहलाती है।

बिटकॉइन की शुरुआत कब हुई BitCoin इस्तेमाल करना क्या गैरकानूनी है? थी ? Bitcoin invetion

बिटकॉइन का आविष्कार 2008 में सतोषी नाकामोटो द्वारा किया गया था। और फिर 2009 में उन्होंने इसे ओपन-सोर्स सॉफ़्टवेयर के रूप में जारी किया था। पहला बिटकॉइन लेनदेन जनवरी 2009 में शुरू हुआ था। शुरुआती वर्षों में बिटकॉइन में तेजी बहुत धीरे-धीरे हुई थी। 2015 से बिटकॉइन में बड़ी तेजी देखने को मिली। फिर बहुत जल्द ही ये दुनिया की नजरों में आने लगा। इस समय बिटकॉइन की कीमत 34,23,652 रुपये है।

कैसे होता है लेन-देन Bitcoin me transaction kaise hota hai

बिटकॉइन एक प्रकार की आभासी मुद्रा है। जिसका इस्तेमाल आप केवल online लेन-देन में ही कर सकते हैं। इस प्रकार होने वाले भुगतान डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से होने वाले भुगतान से बिलकुल अलग है।

भारत में केंद्रीय बैंक इस मुद्रा का समर्थन नहीं करता है इसलिए इस मुद्रा का विनिमय निजी तौर होता है। जिसे ‘माइनिंग’ नामक प्रक्रिया के माध्यम उत्पादित किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए एक विशेष किस्म के सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है।

बिटकॉइन का लेन-देन एक ई-वॉलेट से दूसरे ई-वॉलेट के जरिये होता है। जो आपके निजी डेटाबेस में उपलब्ध होते हैं। बिटकॉइन का लेन-देन का रिकॉर्ड एक Public Account में रहता हैं, जिसे “Blockchain” कहते। हैं

बिटकॉइन के क्या फायदे हैं ? Bitcoin ke kya fayade hai

1. Bitcoin को आप किसी भी मुद्रा में खरीद सकते हैं।

2. Bitcoin का लेन-देन आप पूरी दुनिया में कहीं भी और कभी कर सकते हैं।

3. Bitcoin भेजने में शुल्क लगता हैं वो Debit card और Credit card के मुकाबले बहुत ही कम होता हैं।

4. Bitcoin ने साल 2020 में 302% रिटर्न दिया है। इस हिसाब से ये निवेश के लिए एक अच्छा साधन हो सकता है!

5. Bitcoin का मार्किट 24×7 खुला रहता है। जिसमे आप कभी भी निवेश कर सकते हैं।

Bitcoin kya hota hai Bitcoin kaise kaam karta hai

बिटकॉइन के क्या नुकसान हैं ? Bitcoin ke kya nuksan hai

1. Bitcoin को अभी भारत में पूरी तरह से authority नहीं मिली है। अगर किसी BitCoin इस्तेमाल करना क्या गैरकानूनी है? कारणवश आपका अकाउंट हैक हो जाता है, तो आप इसकी शिकायत कहीं नहीं कर सकते।

2. Bitcoin को भारत में पूर्ण authority नहीं मिलने के कारण ये कभी बैन भी हो सकता है।

3. Bitcoin मार्किट जिस स्पीड से ऊपर जाता है तो कभी उसी स्पीड से नीचे भी गिरता है। जो आपके लिए नुकसान साबित हो सकता है।

बिटकॉइन कहाँ से और कैसे खरीदें? Bitcoin kaise khareede

आप Bitcoin बहुत ही आसानी से खरीद सकते है। इसे आप भारतीय मुद्रा (रुपए) में भी खरीद सकते हैं। इस समय भारत में कुछ websites उपलब्ध हैं, जिनके जरिये आप बिटकॉइन खरीद सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आप को उन websites या App पर Register करना होता है। उसके बाद आपको websites या App के Wallet में रुपये Add करने होंगे। फिर आप Bitcoin की खरीददारी कर सकते हैं।

दोस्तों, आज की पोस्ट “Bitcoin Kya Hai” में आपने Bitcoin के बारे में जाना। आपने Bitcoin की समस्त जानकारी विस्तारित रूप में समझी। Bitcoin भारत में वैध है या अवैध है ये भी जाना। साथ ही ये भी जाना कि आप Bitcoin को कैसे और कहाँ से खरीद सकते है ? इसके अलावा Bitcoin kaise kaam karta hai? इसके क्या फायदे और नुकसान है ? आपको ये पोस्ट कैसी लगी हमें आपने विचार हमारे साथ अवश्य साझा करें।

Bitcoin के 10 साल: 15 पैसे का निवेश बन गया 4.68 लाख रुपये, ऐसे बढ़ता गया रिटर्न

1 नवंबर के ही दिन इसके खोजकर्ता एलियस सतोशी नाकामोटो ने मेट्जडोड क्रिप्टोग्राफी मेलिंग लिस्ट में पहली बार बिटकॉइन व्हाइटपेपर सबमिट किया था.

Bitcoin के 10 साल: 15 पैसे का निवेश बन गया 4.68 लाख रुपये, ऐसे बढ़ता गया रिटर्न

जनवरी 2009 में जब नाकामोटो ने पहली बार इसकी माइनिंग की थी, तब 1 बिटकॉइन की कीमत 0.003 डॉलर थी, जो उस समय लगभग 15 पैसे के बराबर थी. लेकिन आज यह कीमत 6366 प्रति डॉलर पहुंच चुकी है, जो 468251.13 रुपये के बराबर है. (Reuters)

पूरी दुनिया में चर्चित हो चुकी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के 10 साल पूरे हो चुके हैं. 31 अक्टूबर 2008 के दिन इसके खोजकर्ता ने मेट्जडोड क्रिप्टोग्राफी मेलिंग लिस्ट में पहली बार बिटकॉइन व्हाइटपेपर सबमिट किया था. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी 2009 में जब उन्होंने पहली बार इसकी माइनिंग की थी, तब 1 बिटकॉइन की कीमत 0.003 डॉलर थी, जो उस समय लगभग 15 पैसे के बराबर थी. लेकिन आज यह कीमत 6366 डॉलर पहुंच चुकी है, जो 468251.13 रुपये के बराबर है. यानी अपनी शुरुआत से अब तक बिटकॉइन ने रुपये के मोर्चे पर 3,12,167,233 फीसदी और डॉलर के लिहाज से 2,12,199,900 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की है.

(नोट: जनवरी 2009 में एक डॉलर की कीमत 48 रुपये के आसपास थी. जिस लिहाज से 0.003 डॉलर की वैल्यू करीब 15 पैसे के बराबर हुई. वहीं, 1 नवंबर 2018 को एक डॉलर की वैल्यू करीब 74 रुपये के आसपास थी. इस लिहाज से 6366 डॉलर की वैल्यू करीब 4.68 लाख रुपये हुई. इसी आंकड़े पर यह गणना की गई है.)

यानी अगर किसी ने उस वक्त बिटकॉइन में 10 डॉलर का निवेश किया होगा और आज तक वह बरकरार है तो वह 2.12 करोड़ डॉलर का मालिक बन गया होगा. वहीं अगर रुपये के हिसाब से उस वक्त 1 बिटकॉइन खरीद लिया होगा, तो आज वह लगभग 4.68 लाख रुपये का मालिक होगा. 1 जनवरी 2018 को बिटकॉइन की कीमत अपने अब तक के उच्च स्तर 15,127.51 डॉलर यानी उस वक्त के लगभग 13 लाख रुपये तक पहुंच गई थी.

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भारत में लीगल टेंडर नहीं है बिटकॉइन

बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा है, जिसे डिजिटल वॉलेट में रखकर ही लेन-देन किया जा सकता है. इसके जरिए बिना बैंक को माध्‍यम बनाए लेन-देन किया जा सकता है. भारत में बिटकॉइन को न तो आधिकारिक अनुमति है और न ही इसे रेग्युलेट करने का कोई नियम बना है. साथ ही इसमें ट्रेडिंग भी अवैध है. रिजर्व बैंक साफ तौर पर कह चुका है कि देश में बिटकॉइन लीगल टेंडर नहीं है.

सबसे पहले पिज्‍जा की हुई थी खरीद

भले ही बिटकॉइन डिजिटल मुद्रा है लेकिन इनसे फिजिकल चीजें खरीद सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिटकॉइन से जिस चीज को सबसे पहले खरीदा गया, वह थी पिज्‍जा. इस खरीद में 10000 बिटकॉइन खर्च किए गए थे.

Image: Reuters

कैसे हासिल होते हैं बिटकॉइन?

बिटकॉइन हासिल करने के तीन तरीके हैं- ऐसी कई वेबसाइट्स हैं जो फ्री बिटकॉइन ऑफर करती हैं. इसके लिए आपको कुछ टास्‍क्‍स को पूरा करना होता है और उसके बदले मे आपको बिटकॉइन मिलते हैं. इसके अलावा कैश के बदले या फिर किसी सामान के बदले भी बिटकॉइन हासिल होते हैं. जिन देशों में बिटकॉइन लीगल हैं, वहां आप कैश के बदले बिटकॉइन देने वाले सेलर या सामान के पेमेंट के रूप में बिटकॉइन हासिल कर सकते हैं. तीसरा तरीका है बिटकॉइन की माइनिंग.

बिटकॉइन मा‍इनिंग का अर्थ है नए बिटकॉइन जनरेट करना या चलन में लाना. सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिटकॉइन में किए गए ट्रान्‍जेक्‍शन वेरिफाई किए जाते हैं. इसके लिए इन्‍हें एक पब्लिक अकाउंट में एड कर दिया जाता है, जिसे ब्‍लॉक चेन कहते हैं. इसमें बिटकॉइन में लेन-देन करने वाले दुनिया के हर इन्‍सान का ट्रान्‍जेक्‍शन एड रहता है. ब्‍लॉकचेन पर एक पैडलॉक होता है, जिसे एक डिजिटल की से खोला जा सकता है. उस की को हासिल कर लेने पर आपका बॉक्‍स ओपन होता है और ट्रान्‍जेक्‍शन वेरिफाई हो जाता है. तब आपको नए 25 बिटकॉइन हासिल होते हैं.

बिटकॉइन की खो जाने पर गवां बैठते हैं सारे बिटकॉइन

फैक्‍टसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक बिटकॉइन एक डिजिटल वॉलेट में सेव होते हैं और इनकी एक डिजिटल की होती है. अगर आपसे यह की खो जाती है तो वॉलेट भी खो जाता है यानी आप अपने कमाए हुए बिटकॉइन गंवा देते हैं. साथ ही कोई और भी इन बिटकॉइन का इस्‍तेमाल नहीं कर सकता. यानी ये सर्कुलेशन से ही बाहर हो जाते हैं.

कैसे हासिल होता है बिटकॉइन वॉलेट?

ऐसी कई साइट्स हैं, जो डिजिटल करेंसी के लिए वॉलेट उपलब्‍ध कराती हैं. जैसे ब्‍लॉकचेन और कॉइनबेस. इन साइट्स पर बिटकॉइन के लिए वॉलेट भी उपलब्‍ध हैं. इसके अलावा स्‍मार्टफोन के लिए बिटकॉइन वॉलेट के एप्‍स भी मौजूद हैं.

बिटकॉइन में लेन-देन करने वालों को ट्रेस करना है मुश्किल

जब आप बिटकॉइन में लेन-देन करते हैं तो आपके नाम या पहचान का इस्‍तेमाल नहीं होता है. केवल एक बिटकॉइन एड्रेस होता है, जिसके जरिए सभी ट्रान्‍जेक्‍शंस का रिकॉर्ड रहता है. हालांकि यह एक 34 अल्‍फान्‍यूमेरिक कैरेक्‍टर वाला एड्रेस होता है, जिसके जरिए लेन-देन करने वालों का पता लगाना मुश्किल होता है लेकिन यह नामुमकिन नहीं है.

बिटकॉइन को भुनाते कैसे हैं?

क्रिप्‍टोकरेंसी हेल्‍प डॉट कॉम के मुताबिक अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन जैसे कई देश ऐसे हैं, जहां बिटकॉइन के बदले कैश या फिर बिटकॉइन की कीमत के हिसाब से पैसे आपके डेबिट कार्ड में ट्रान्‍सफर कर दिए जाते हैं. इसके बदले आप भी किसी को कैश के बदले बिटकॉइन दे सकते हैं. साथ ही जिन देशों में ऑनलाइन बिटकॉइन एक्‍सचेंज मौजूद है और यह लीगल है, वहां पर रजिस्‍ट्रेशन करा बिटकॉइन की बिक्री की जा सकती है.

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Bitcoin की कानूनी वैधता पर सरकार रुख साफ करे: सुप्रीम कोर्ट

Cryptocurrency Bitcoin

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) बिटकॉइन की कानूनी वैधता को लेकर सरकार को अपना रुख साफ करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि सरकार स्पष्ट करे कि बिटकॉइन वैध है या अवैध. ASG ऐश्वर्या भाटी ने आश्वस्त किया कि सरकार इस पर अपना पक्ष साफ करेगी. उच्चतम न्यायालय ने ये सवाल 20 हज़ार करोड़ की क़ीमत के (87 हज़ार बिटकॉइन्स) के घोटाले के आरोपी से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पूछा है.

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी गेन-बिटकॉइन घोटाले से जुड़े एक आरोपी की याचिका पर सुनवाई के दौरान की है. घोटाला बिटकॉइन की खरीद से जुड़ा है जिसमें एक प्राइवेट कंपनी ने बिटकॉइन बेचने के नाम पर निवेशकों से पैसा लिया और इसका इस्तेमाल निजी तौर पर बिटकॉइन खरीदने में किया गया. केंद्र की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यह घोटाला लगभग 87,000 बिटकॉइन्स की खरीद से जुड़ा है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वह बिटकॉइन्स की वैधता पर केंद्र का रुख साफ करें.

बता दें कि यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्रवाई से गुरुवाट को सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) में 12 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली थी. बता दें गुरुवार को सुबह बिटकॉइन 34,500 डॉलर के आस-पास कारोबार कर रहा था. गौरतलब है कि नवंबर के शुरू में बिटकॉइन की कीमत 68,000 डॉलर के पार पहुंच गई थी.

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