Wipsaw, Divergence क्या है और इसका एनालिसिस कैसे करे?

Wipsaw, Divergence क्या है और इसका एनालिसिस कैसे करे?

दोस्तों, हम जब किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सोचते है तब हम कुछ Indicator और Candle pattern को देख के ट्रेड लेते है।
लेकीन कई बार ट्रेड लेते है और Indicator भी सही दिखाता है फिर भी Loss होता है इसका एक कारण है की उस indicator में आने वाली समस्या।
आज हम Wipsaw जो किसी Leading Indicator में आने वाला समस्या है और Divergence के साथ Volume का उपयोग भी सीखेंगे।

Wipsaw Analysis

दोस्तो, आपको साइड न पता हो लेकिन Wipsaw leading indicator में आने वाली बहुत बड़ी समस्या है।
Leading indicator: जो indicator शेयर में आगे आने वाला movement पहले दिखादे उसको Leading Indicator कहते है। जैसे की MACD, RSI etc…

दोस्तो अब हम समझते है की Wipsaw क्या होता है।
आपने कभी Leading Indicator का उपयोग किया होगा तो आपने जरूर देखा होगा की यह indicator एक कीमत के आसपास ऊपर या नीचे होता रहता है, यह प्रक्रिया को Wipsaw कहते है।

यह प्रक्रिया अधिकतर Side way ट्रेंड में होती है।
आपके साथ ऐसा कई बार हुआ होगा की कई बार Indicator सही signal देता है लेकिन कुछ देर बाद बाजार आपके ट्रेड से विपरीत जाता है और आपका Stop Loss आ जाता है। यह स्थिति की Wipsaw हुआ है ऐसा कहा जाता है।

बहुत खोज ने के बाद इसका उतर मिला की अक्सर नए या कुछ पुराने ट्रेडर जैसे ही चार्ट में Signal मिलता है तब बिना किसी Conformation के सीधा ट्रेड ले लेते है और इस तरह के ट्रेडर बाजार के यह चाल में फस जाते है और Loss कर बैठते है।

अब आपको इससे बचने के लिए आपको Leading Indicator के साथ confirmation का आधार रखना चाहिए।
जैसे की:– पहले के कोई Support या Resistance टूटा है या नहीं, शेयर मे break out आया है या नहीं, कोई खास candle pattern बना है या नहीं।

अबसे जब आप Indicator की मदद से ट्रेड ले तब ऊपर दिए गई घटना में से कोई हुई है उसका confirm करके खरीदी या बिकवाली करे, इससे आपको शेयर महंगा मिल सकता है लेकिन आप बड़े Loss से बच सकते है।
जब आप ट्रेड ले तब Confirmation के बाद ही मार्केट में Position बनाए जिससे आप Wipsaw की असर से बच सके।

चलिए अब हम Divergence का analysis सिख लेते है।

Divergence Analysis

Divergence का मतलब होता है “विचलन” यानी दो अलग अलग दिशा में चलना।
अगर आपने Candlestic के साथ Indicator का Indicators कितने होते है Analysis किया है तो आपको पता होगा की कई सारे indicator चार्ट में आने वाले उतार चढ़ाव को Follow करते है जैसे की:– RSI, MACD, और Volume.
अगर यह सभी Indicator चार्ट को Follow करना बंद करदे या फिर Trend की विपरीत चला जाए तो यह घटना को Divergence कहते है।

Divergence की मदद से जो ट्रेंड चल रहा है उसमे मजबूती या कमजोरी दिखाते है।
चलिए अब हम इसको एक उदाहरण के साथ आसान भाषा में समझते है।

मानले, आप कोई शेयर का analysis कर रहे है और उस शेयर में भाव (prisre) बढ़ रहा है तो indicator भी ऊपर जाता है और अगर आपके शेयर का भाव नीचे जाता है तो Indicator भी नीचे जाता है। यह स्थिति आपको हररोज साधारण बाजार की स्थिति में दिखाई दे सकती है।

लेकिन, कभी कभी शेयर का भाव ऊपर या नीचे जाता है लेकिन Indicator उसको कुछ देर Follow करने के बाद विपरीत दिशा में जाने लगता है।यह घटना को Divergence हुआ है ऐसा कहा जाता है।
Divergence दो प्रकार के होते है।

  • Positive Divergence यानी Bullish Divergence
  • Nagative Divergence यानी Beariah Divergence

अब हम इन दोनो Divergence के बारेमे विस्तार से जानते है।

Positive Divergence (Bullish Divergence)

आप शेयर या बाजार Down Trend यानी नीचे जाता है तब Indicator ऊपर की और यानी Up trend में होते है उसको Positive Divergence कहते है।

जब शेयर का भाव Lower Low बनाने लगे लेकिन Indicator Higher High बनाता है। इसको Bullish या Positive Divergence कहा जाता है।

जब चार्ट में यह घटना होती है उसके बाद बाजार में तेजी की शरुआत होती है। Negative Divergence (Bearish Divergence)

अब आप कोई शेयर या बाजार up Trend यानी उपर जाता है तब Indicator ऊपर की और यानी Down trend में होते है उसको Nagative Divergence कहते है।

जब शेयर का भाव Higher High बनाने लगे लेकिन Indicator Lower Low बनाता है। इसको Bearish या Nagative Divergence कहा जाता है।

जब चार्ट में यह घटना होती है उसके बाद बाजार में गिरावट की शरुआत होती है।

यह दोनो प्रकार के Divergence की मदद से आप ट्रेड को पहले ही पहचान जायेगे और मार्केट में अच्छा मुनाफा होगा।
अगर आपको किसी प्रकार के indicator या कैंडल के बारेमे समस्या है तो आप हमे कॉमेंट करते जरूर करे।

साप्ताहिक आर्थिक संकेतक सीमित दायरे में अटके

हाल के सप्ताह में आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख सूचकांक चढ़े हैं, लेकिन इस महीने की शुरुआत के स्तरों के मुकाबले नीचे बने हुए हैं। इससे यह पता चलता है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल है, जिसका जिक्र इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय बैंक की एक समिति ने भी किया था।
मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 7 से 9 अक्टूबर तक हुई बैठक के ब्योरों में कहा गया, ‘निजी निवेश और निर्यात दोनों कमजोर रहने के आसार हैं, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि विदेश में मांग अब भी बहुत कम है। इन कारकों और कोविड-19 की स्थिति को लेकर अनिश्चितता को मद्देनजर रखते हुए 2020-21 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि ऋणात्मक रहने के आसार हैं।’
बिजली उत्पादन और भारतीय रेलवे की माल ढुलाई पिछले सप्ताह से अधिक रही, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत के स्तरों से कम Indicators कितने होते है रही। बिज़नेस स्टैंडर्ड आधिकारिक आंकड़े जारी होने से पहले मौजूदा आर्थिक स्थिति की थाह लेने के लिए इन और थोड़े-थोड़े समय बाद जारी होने वाले आंकड़ों पर नजर रखता है। आम तौर पर जीडीपी जैसे आंकड़े देरी से जारी होते हैं। दुनिया भर के विश्लेषक कोविड-19 महामारी के बीच जमीनी स्तर पर तेजी से बदलती स्थितियों क समझने के लिए इन संकेतकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बिजली, यातायात और उत्सर्जन के आंकड़े 25 अक्टूबर तक के हैं। रेलवे के आंकड़े 24 अक्टूबर के हैं। सर्च इंजन गूगल लोकेशन के डेटा थोड़ी देरी से जारी करता है। पिछले सप्ताह के ताजा आंकड़े 23 अक्टूबर के हैं।
भारतीय रेलवे की माल ढुलाई पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 10.6 फीसदी अधिक है। यह 10 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 21.3 फीसदी अधिक थी। ताजा सप्ताह में माल ढुलाई से आमदनी भी पिछले सप्ताह की तुलना में 5.1 फीसदी अधिक थी।
बिजली उत्पादन के आंकड़े 2019 के मुकाबले 9.7 फीसदी अधिक हैं। ये 4 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 16.1 फीसदी अधिक थे। मौजूदा स्तर पिछले सप्ताह की तुलना में बेहतर हैं। अन्य संकेतक सुधार के सीमित संकेत दर्शाते Indicators कितने होते है हैं। इस महामारी के दौरान लोगों की आवाजाही कैसी है, इसे जांचने के लिए गूगल एनोनिमाइज्ड लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करता है। किराने की आवश्यक खरीदारी और दवा की दुकानों पर जाने में महामारी से पहले की तुलना में 9.71 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। कार्यस्थल जाने में पिछले सप्ताह के मुकाबले मामूली गिरावट आई है।
वैश्विक लोकेशन तकनीक कंपनी टॉमटॉम इंटरनैशनल के यातायात के आंकड़ों से पता चलता है कि यातायात का स्तर 2019 के स्तरों के मुकाबले करीब 75 फीसदी है। ये आंकड़े पिछले सप्ताह के समान हैं। बिज़नेस स्टैडर्ड नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन पर नजर है। इसका ऊंचा स्तर ज्यादा औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों के इस्तेमाल को इंगित करता है। दिल्ली में स्तर 2019 से अधिक Indicators कितने होते है है। मुंबई में उत्सर्जन का स्तर सामान्य स्तरों से नीचे 96 फीसदी है।

Hot Stocks: शॉर्ट टर्म में हासिल करना चाहते हैं 15% तक रिटर्न तो इन स्टॉक्स को अपने पोर्ट फोलियो में दें जगह

आगे मिड और स्मॉलकैप में दिग्गजों की तुलना में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन देखने को मिलेगा। वहीं निफ्टी में भी हमें धीरे-धीरे तेजी आती दिखेगी। निफ्टी के लिए इस समय 18000-18200 के जोन में अच्छा सपोर्ट है। अगर निफ्टी 18650 के ऊपर बंद होता है तो फिर इसमें हमें न्यू हाई देखने को मिल सकता है

बाजार में आई गिरावट अच्छे शेयरों में खरीद का मौका है। निफ्टी में अब वर्तमान स्तरों से और ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है

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VINAY RAJANI HDFC Securities

लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद कल निफ्टी में 150 अंकों से ज्यादा की रिकवरी देखने को मिली और ये 18420 के स्तर पर बंद हुआ। इस रिकवरी का सबसे अच्छा पहलू ये रहा कि ये रिकवरी ब्रॉडर मार्केट में आई तेजी के साथ आई। तमाम छोटे-मझोले शेयरों में आई तेजी के दम पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो में अच्छी मजबूती देखने को मिली। बाजार में हाल में आए करेक्शन में निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स अपने 20-day EMA के नीचे नहीं गया है।

Nifty 500 इंडेक्स पर नजर डालें तो अपने 200 DMA के ऊपर ट्रेड करने वाले शेयरों की संख्या अभी भी 63 फीसदी है। साथ ही ट्रेंड का ढ़लान ऊपर की तरफ है। ये बुल मार्केट के लिए एक अच्छा संकेत है। ऑवरली चार्ट पर निफ्टी ने एक बुलिश इनवर्टेड हेड एंड शोल्डर पैटर्न बनाया है। इससे संकेत मिलता है कि निफ्टी में शॉर्ट टर्म में 18500 का स्तर देखने को मिल सकता है।

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